नई दिल्ली। दुनियाभर में आतंकवाद से लड़ने के लिए लगातार कमेटियाँ बन रहे हैं, बयान जारी होते हैं फिर भी आतंक और मानवता पर होने वाले हमलों में कहीं भी कोई कमी होती नहीं दिख रही है। आतंकी संगठन हमास ने भी खुद को फिलिस्तीनीयों का मसीहा बताकर फिलिस्तीन की ओर से इज़राइल पर हमला किया। जिसका खामियाजा अब पूरा फिलिस्तीन भुगत रहा है। इज़राइल की ओर से लगातार हवाई हमले करते हुए हमास के लोगों पर मिसाइल गिराई जा रही है। शुक्रवार को ईद के दिन भी गाजा के 60 स्थानों पर हवाई हमले तेज किया गए। ईरान की ओर से इसको लेकर कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
अमेरिका और यूरोपीय देश फिलिस्तीन में भेज रहे खाने पीने और मेडिकल सुविधाएं
आम जन मानस की सुरक्षा और सेवा को देखते हुए अमेरिका ने दोनों देशों फिलिस्तीन और इज़राइल से मानवीय सहायता करने की अपील की है। जबकि अमेरिका ने अन्य यूरोपीय देशों के हस्तक्षेप से फिलिस्तीन के लोगों के लिए खाने पीने का समान और मेडिकल व्यवस्था को भी बढ़ाकर भेज दिया है। अमेरिका की ओर से खाने पीने के साथ मेडिकल सामाग्री हर रोज़ भेजने के लिए खुद को प्रतिबद्ध बताया। उन्होने कहा हम हर प्रकार से मानवीय सहायता करेंगे, जिससे सामान्य जन मानस को किसी प्रकार की कोई तकलीफ न होने पाए।
बढ़ती गर्मी और दूषित पानी पीने से बढ़ रही बीमारी
फिलिस्तीन के सभी क्षेत्रों समेत गाज़ा में बढ़ते हुए युद्ध क्षेत्र के साथ भीषण गर्मी भी तेज पड़ने लगी है, जिससे वहाँ लोगों के बीच महामारी भी बढ़ती जा रही है। इस बीच दूषित जल की आपूर्ति से भी लोग बीमार पड़ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने पर्याप्त चिकित्सा सुविधा न होने के कारण बीमारियों से बड़ी संख्या में जान जाने की आशंका जताई है।
खुफिया रिपोर्ट में दावा ईरान भी कर रहा इज़राइल पर हमले की तैयारी
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने खुफिया रिपोर्ट के हवाले से कहा कि जल्द ही ईरान बड़े स्तर पर इज़राइल के ऊपर हमला करेगा, लेकिन अगर ईरान इज़राइल के ऊपर ज़रा सा भी हमला करता है तो हम इज़राइल के साथ खड़े हैं, इज़राइल को किसी भी तरह का नुकसान हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। ईरान को ये बात बहुत अच्छे से समझ में आनी चाहिए कि अमेरिका इज़राइल की सुरक्षा के लिए तैयार है। क्षेत्रीय स्तर पर बड़े युद्ध को अगर ईरान बढ़ावा देगा तो ये उसकी बड़े गलती होगी।
इज़राइल ने सीरिया में घुस कर मारे ईरानी सेना के टॉप 3 जनरल
आपको बताते चलें कि हाल ही में इज़राइल ने सीरिया की राजधानी दमिश्क में बनें हुए ईरान के दूतावाश के ऊपर हवाई हमला किया था जिसमें ईरान के टॉप 3 सेना के जनरल मारे गए थे, इसी के बाद ईरान ने बदला लेने की कसम खाई थी।
