अमेठी। राहुल गांधी के अमेठी सीट छोड़ने पर उठ रहे सवालों पर जवाब देते हुए राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि “जिन्हें प्रत्याशी बनाया गया है वो के.एल. शर्मा 40 साल से पार्टी के कार्यकर्ता हैं। कांग्रेस पार्टी का निर्णय है कि राहुल गांधी अमेठी क्यों जाएं जबकि उनके पास अच्छे कार्यकर्ता हैं। जिसकी जरूरत है। फिर ऐसे में राहुल गांधी की वहाँ क्या जरूरत क्योंकि वहां तो के.एल. शर्मा ही भाजपा से निपट लेंगे। इससे अच्छा क्या हो सकता है कि जो व्यक्ति रात-दिन गांधी परिवार के निर्देशन में काम कर चुका हो वो उम्मीदवार बने।”
2004 में अमेठी से राजीव गांधी के बेटे राहुल गांधी पहली बार सांसद चुने गए, राहुल 3 लाख से ज्यादा वोटों से चुनाव जीते. समाजवादी पार्टी ने यहां अपना प्रत्याशी नहीं उतारा था, 2009 में राहुल गांधी फिर से सांसद निर्वाचित हुए। इस बार जीत का अंतर 3,50000 से भी ज्यादा का रहा। समाजवादी पार्टी ने फिर से अपना प्रत्याशी नहीं उतारा। तब से लगातार राहुल गांधी ही इस सीट पर लड़कर जीतते रहे हैं।
भाजपा की प्रचंड लहर और मोदी के प्रचार के बावजूद भी वर्ष 2014 में राहुल गांधी के सामने आम आदमी पार्टी नेता रहे कुमार विश्वास की जमानत जब्त हो गई थी जबकि स्मृति ईरानी चुनाव हार गई थी। 2014 में राहुल गांधी फिर तीसरी बार इस अमेठी सीट से जीतकर लोकसभा पहुँचें थे। 2014 में समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर से राहुल गांधी के सामने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा था। उसी समय उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कांग्रेस से गठबंधन के संकेत दे दिए थे। जिसके बाद राहुल गांधी जीत गए। लेकिन 2019 में बीजेपी के टिकट पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के राहुल गांधी को इसी अमेठी लोकसभा सीट पर हरा दिया। जबकि आम आदमी पार्टी को छोडकर कुमार विश्वास फिर से कवि बन गए।
पंचवे चरण के मतदान में अमेठी की किस्मत का फैसला जनता 20 मई को वोटिंग के दौरान करेगी। उत्तर प्रदेश के पांचवें चरण का मतदान 20 मई को होना है, जिसमें मोहनलालगंज लोकसभा, लखनऊ लोकसभा, रायबरेली लोकसभा, अमेठी लोकसभा, जालौन लोकसभा, झांसी लोकसभा, हमीरपुर लोकसभा, बांदा लोकसभा, फतेहपुर लोकसभा, कौशांबी लोकसभा, बाराबंकी लोकसभा, फैजाबाद लोकसभा, कैसरगंज लोकसभा और गोंडा लोकसभा में वोटिंग होगी।
अमेठी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में पांच विधानसभा क्षेत्र हैं, जिसमें तिलोई विधानसभा, सलोन विधानसभा, जगदीशपुर विधानसभा, गौरीगंज विधानसभा और अमेठी विधानसभा है। अमेठी जिला राज्य के अवध क्षेत्र में अयोध्या मंडल का एक हिस्सा है। अमेठी उत्तर प्रदेश का 72वां जिला था, जो 1 जुलाई 2010 को तत्कालीन सुल्तानपुर जिले की तीन तहसीलों अर्थात् अमेठी, गौरीगंज और मुसाफिरखाना और तत्कालीन रायबरेली जिले की दो तहसीलों अर्थात् सलोन और तिलोई को मिलाकर अस्तित्व में आया था।
