
नई दिल्ली (भारत). संसद का बजट सत्र आज से शुरू किया जा रहा है। राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू के संबोधन के साथ यह शुरू होगा। यह बजट सत्र दो बातों से लेकर खास बना हुआ है, एक तो यह है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अंतरिम बजट सत्र पेश करेंगी। दूसरा तो यह है कि यह प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल का अंतिम बजट है। 1 फरवरी से लेकर 9 फरवरी तक यह सत्र चलने वाला है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को सदन में अपना अंतरिम बजट पेश करने वाली हैं। लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, जिसके कारण नागरिकों को राहत भी मिल सकती है। यह फरवरी का हंगामेदार चलने वाला सत्र हो सकता है। विपक्ष इस बजट में विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेर भी सकती है।
बजट सत्र एक से 9 फरवरी तक चलेगा
संसद में इस बजट सत्र को पेश होने से पहले मंगलवार को एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई, इसमें केंद्र की तरफ से सभी पार्टियों को शामिल किया गया। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने दोनों सदनों के सभी दलों को बुलाकर उनके साथ बैठक की। संसद के पुस्तकालय में यह बैठक आयोजित की गई। सांसद शुरू होने से पहले टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय और सुखेंदु शेखर रे केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी और अर्जुन राम मेघवाल से मुलाकात की। एमडीएम के सांसद वाईको भी इस बैठक में शामिल होने के लिए आए। यह बजट सत्र 1 फरवरी से लेकर 9 तक चलने वाला है। यह बजट सत्र द्रौपदी मुर्मू के संबोधन के साथ शुरू किया जाएगा।
अंतरिम बजट 2024 होगा पेश
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के अनुसार, वित्तीय वर्ष की शुरुआत होने से पहले सरकार संसद में अपना केंद्रीय बजट पेश करती है। बजट किसी सरकार की कार्यकाल में होने वाले खर्चों का एक कार्यक्रम होता है, जिसमें सारे कार्यों का खर्चों का हिसाब और आमदनी होती है। हर वर्ष 1 अप्रैल से लेकर 31 मार्च तक वित्तीय बजट पेश करने का समय होता है। इस बार तो चुनाव होने वाले हैं इसलिए यह अंतरिम बजट होने वाला है। इस बार का पेश होने वाला बजट केवल नई सरकार के आने तक सरकारी खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त होगा। जब चुनाव हो जाएंगे तो जो भी नई सरकार बनेगी, वह वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अपना बजट पेश करेगी।
