Top Newsउत्तर प्रदेश

यूपी में बाहरी नेताओं के भरोसे चुनाव में BJP को टक्कर दे रही Congress, बेरोजगारी के खिलाफ न्याय यात्रा से फायदा

Voting for the first phase of Lok Sabha elections in Uttar Pradesh is taking place on Friday, April 19. There are 8 Lok Sabha seats in it. Which includes Saharanpur, Kairana, Muzaffarnagar, Nagina, Bijnor, Moradabad, Rampur, Pilibhit. Samajwadi Party and Congress are contesting the elections together to counter BJP and BSP in UP, while RLD Chief Jayant Chaudhary, who supported Akhilesh Yadav till the announcement of Lok Sabha elections, is now with BJP.

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग 19 अप्रैल दिन शुक्रवार को हो रही है। इसमें लोकसभा की 8 सीटें हैं। जिसमें सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, नगीना, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत हैं। यूपी में भाजपा और बसपा के मुक़ाबला करने के लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस एक साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि लोकसभा चुनावों की घोषणा होने से पहले तक अखिलेश यादव का साथ देने वाले आरएलडी चीफ जयंत चौधरी अब भाजपा के साथ हैं।

इन चुनावों में एक खास बात साफ दिख रही है कि कांग्रेस पार्टी को यूपी में अखिलेश यादव ने कुल लोकसभा सीट 80 में से सिर्फ 17 ही दी हैं। फिर भी इन 17 सीटो पर चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस के पास अपने खुद के प्रत्याशी तक नहीं हैं। खुद को मजबूत करने के लिए आउट सोर्स वाले नेताओं पर भरोसा जताने में जुटी हुई है। इसमें पहले चरण की आठ लोकसभा सीटों में से एक प्रमुख सीट सहारनपुर भी है। जहां से सपा नेता इमरान मसूद को प्रत्याशी बनाया गया है। खुद को मजबूती से आगे बढ़ाने में जुटी कांग्रेस पार्टी अब बुरी तरह से प्रत्याशियों की कमी से जूझ रही है जिससे दलबदलुओं पर अधिक भरोसा करती हुई नज़र आ रही है।

इमरान मसूद सपा नेता कहलाते हैं जबकि इसके पहले वो उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। वहीं 2022 के विधानसभा चुनाव तक वो कांग्रेस के बड़े नेताओं में से एक माने जाते थे। लेकिन विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे। फिर सपा छोड़कर बसपा में शामिल हो गए।

अब लोकसभा चुनाव से ठीक पहले वो बसपा की मायावती को छोड़कर कांग्रेस में वापस घर लौट आए। जिसके बाद कांग्रेस ने उन्हें पश्चिमी यूपी की अहम सीट सहारनपुर से चुनाव मैदान में उतार दिया। यहां मुसलमानों की बड़ी आबादी है। जो जीत और हार तय करने में सक्षम है। फिर भी भाजपा की प्रचंड लहर 2014 और 2019 में यहाँ मोदी के प्रत्याशी की जीत हुई थी।

प्रयागराज लोकसभा सीट यानी जिसे कांग्रेस परिवार का घर भी कहा जाता है वहाँ भी इन्हें पार्टी का प्रत्याशी नहीं मिला। जहां से समाजवादी पार्टी के नेता उज्ज्वल रमन सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। उज्ज्वल रमन सिंह सपा सरकार में मंत्री रहे रेवती रमण सिंह के बेटे हैं। लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद उन्होने कांग्रेस जॉइन की थी। जबकि कांग्रेस ने यहां से अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह को साइड करते हुए उज्ज्वल रमन सिंह को टिकट दिया।

ये ऐसी प्रमुख सीट हैं जहां से कांग्रेस अच्छी फाइट हो सकती है, लेकिन फिलहाल सत्या यही है कि कांग्रेस के पास अपना कोई प्रत्याशी ही नहीं है, न ही उसके पास यहाँ चुनाव लड़ने वाला कोई ऐसा चेहरा, क्योंकि अमेठी को पिछले चुनाव में हार के बाद राहुल गांधी पहले ही छोड़ चुके हैं जबकि रायबरेली से चुनाव नहीं लड़ने के लिए सोनिया गांधी ने पहले ही पत्र लिखकर साफ कर दिया है। एक प्रकार से कांग्रेस परिवार के बिना उदास है उत्तर प्रदेश में कार्यकर्ता के तौर पर ही देखा जा रहा है। हालांकि कांग्रेस का बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ न्याय यात्रा से लोगों में मूड स्विंग होता जरूर दिखाई पड़ रहा है। अब देखना है कि जनता का ये मूड स्विंग बेरोजगारी के खिलाफ आंदोलन के साथ जाता है या भाजपा की अच्छी बैटिंग के साथ।

Nyay Yatra Pics in Uttar Pradesh by Rahul Gandhi loksabha elections
Nyay Yatra Pics in Uttar Pradesh by Rahul Gandhi loksabha elections
Back to top button