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पाकिस्तान में चुनाव: डाक से भी डाल सकेंगे वोट, गुलाम कश्मीर के साथ बाल्टिस्तान में वोटिंग को लेकर फंसा पेंच

इस्लामाबाद( पाकिस्तान)। दुनियाभर में तेजी से बढ़ती हुई महंगाई, भुखमरी, और बढ़ते हुए विदेशी कर्ज से दबा हुआ देश पाकिस्तान अब वहाँ आम चुनाव कराने के लिए राजी हो गया है । इसी के साथ आम चुनाव के लिए जारी प्रक्रियाओं के बीच पाकिस्तानी चुनाव आयोग ने शनिवार से डाक मतपत्र जारी करना शुरू कर दिया है। जिसमें पात्र व्यक्ति 22 जनवरी तक डाक मतपत्र के माध्यम से अपने मतदान की प्रक्रिया पूरी करेंगे।

वहीं भारत के जिस क्षेत्र पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा किया है वहाँ भी अब आज़ादी की मांग तेज हो गई है, वहाँ निर्वासित सरकार के प्रतिनिधियों के इसे अलग करने की मांग के साथ ही वहाँ वोट नहीं करने की मांग तेज कर दी है, जिसमें गुलाम कश्मीर और बाल्टिस्तान, गिलगित के लोगों ने हाई कोर्ट मे याचिका दाखिल की है।

पाकिस्तान में पिछले कई वर्षों से राजनीतिक उठापटक का दौर तेज है, वहाँ इमरान खान को हटाने के बाद से ही स्थितियाँ कंट्रोल से बाहर हैं वहीं निर्वाचन आयोग की निगरानी टीम ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले प्रत्याशियों से जुर्माने के रूप में 85,000 पाकिस्तानी रुपये वसूले हैं।

General Elections in Pakistan, Worker of Former PM Imran Khan party PTI is looking exited with his flag

निर्वाचन आयोग ने लाहौर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनाव चिह्न मामले से संबंधित आदेश में अपने विरुद्ध की गई टिप्पणी को हटाने की मांग की है। आयोग की पांच सदस्यीय पीठ ने हाई कोर्ट के 17 जनवरी के आदेश की समीक्षा करने के बाद दीवानी अर्जी दाखिल कराने का निर्णय लिया।

वहीं पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने चुनाव के बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के साथ गठबंधन की संभावना से इनकार किया है। पीपीपी चेयरमैन ने कहा, एक बार मूर्ख बनाया, तुम्हारे ऊपर शर्म। दूसरी बार मुझे मूर्ख बनाया तो मेरे ऊपर शर्म।

मानवाधिकार कार्यकर्ता अमजद अयूब मिर्जा ने कहा है कि गुलाम जम्मू-कश्मीर और गिलगित बाल्टिस्तान के लोगों की मांग पांच फरवरी तक पूरी नहीं की गई तो निर्वासित राजनेताओं के पास अपनी सरकार गठित करने के अलावा और कोई उपाय नहीं बचेगा। मिर्जा ने कहा कि बिजली बिल पर करों का बोझ कम करना और क्षेत्र में गेहूं के दाम घटाना पर्याप्त नहीं है। पाकिस्तान क्षेत्र से न केवल अपनी सेना हटाए, बल्कि गुलाम जम्मू-कश्मीर की असेंबली को पूर्ण संप्रभुता दे।

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