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Indian Navy : नौसेना प्रमुख ने दिया बड़ा बयान, कहा- समुद्री डकैती नहीं होने देंगे

नई दिल्ली (भारत). गुरुवार को नौसेना के प्रमुख एडमिरल और हरि कुमार ने बड़ा बयान दिया है उन्होंने बताया कि भारतीय नौसेना का काम भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा को सुनिश्चित करने का काम है। यह बयान लाल सागर में होती विद्रोहियों के हालिया संतृप्त ड्रोन हम लोग और भारतीय तट रेखा पर पाकिस्तानी जहाज की तैनाती के देखते हुए आया।

समुद्री डकैती नहीं होने देंगे

एडमिरल ने बताया कि नौसेना का काम किया है कि वह भारतीय राष्ट्रीय हितों की रक्षा करें। और उनकी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि हम किसी भी तरह के समुद्री डकैती नहीं होने देंगे।

106 जहाज को तैनात किया गया

नौसेना प्रमुख ने यह बताया कि पिछले साल के अंत तक भारतीय जल क्षेत्र में समुद्री डकैतियां खत्म ही हो गई थी। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारे राष्ट्रीय हित सुरक्षित हों। 2008 से हिंद महासागर में अभियान चलाए जा रहे हैं इनमें समुद्री डकैती विरोधी अभियान भी शामिल किया गया है। समुद्री डकैती से निपटने के लिए 2008 से अब तक 106 जहाज को तैनात कर दिया गया है।

डकैतियां हो गई थी एकदम जीरो

उन्होंने बताया कि पिछले साल के अंत तक डकैतियां लगभग शून्य हो गई थी, लेकिन बाद में यह लाल सागर में ड्रोन हमलों के परिणाम के कारण बढ़ती हुई देखी गई हैं। हमने कार्यवाही कर पर्याप्त संख्या में जहाज की तैनाती करती है। हम किसी को भी समुद्री डकैती करने का अवसर नहीं देंगे। हम इसके लिए उचित और सही कदम उठा रहे हैं। भारतीय नौसेना अपने जल क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए अन्य समूह के साथ मिलकर काम जारी कर रही है।

भागीदारियों के साथ मिलकर करेंगे काम

बताया कि भारत के झंडे वाले किसी भी व्यापारिक जहाज पर किसी भी प्रकार का हमला नहीं किया गया है। पहले बड़ी संख्या में भारतीय नौसेना के कर्मियों के दल को ले जाते वक्त जहाज पर समुद्री डाकुओं ने हमला कर दिया था इसका हमें तुरंत जवाब भी दे दिया था और अपने सैनिकों को तैनात करवा दिया था। हमें इस क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के लिए अन्य भागीदारों के साथ मिलकर काम करने की योजना बना रहे हैं। कई साझेदारी चाहते हैं कि प्रशांत क्षेत्र स्वतंत्र हो, खुला हो, समावेशी हो, नियम आधारित और सुरक्षित हो। हम अपने सभी हिस्सेदारियों के साथ सहयोग करेंगे, जिसमें छोटे देश भी शामिल हैं।

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