नई दिल्ली (भारत). प्रधानमंत्री मोदी आज शनिवार को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एनटीपीसी के 1600 मेगावाट के लारा सुपर थर्मल पावर स्टेशन का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राष्ट्र को समर्पित करेंगे। दूसरे चरण के अंतर्गत वह 1600 मेगावाट के अन्य संयंत्र की आधारशिला भी रखेंगे।
स्टेशन का पहला चरण और दूसरा चरण इतने में बना
बिजली मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, यह बताया गया है कि स्टेशन का पहला चरण 15,800 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है। दूसरा चरण 15,530 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा। इन परियोजनाओं में कोयले की आपूर्ति एनटीपीसी के तलाई पाली कोयला ब्लॉक से मैरी-गो-राउंड प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। इस माध्यम से देश को कम लागत वाली बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। सभी इकाइयों के अनुसार, कोयल की खपत भी कम होगी और कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन भी ज्यादा नहीं होगा।
3 फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी परियोजनाओं का टेली कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी आज शनिवार को छत्तीसगढ़ में साउथ ईस्टर्न कोल्ड फील्ड्स लिमिटेड की 600 करोड रुपए की लागत से बनाई गई। तीन फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी परियोजनाओं का टेली कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन करेंगे। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड कोल इंडिया की सहायक कंपनी है। 211 करोड़ से अधिक की लागत से दीपका ओपन कास्ट प्रोजेक्ट बनाया गया है। दूसरी परियोजना 173 करोड़ लागत से छाल ओसीपी बनाया गया है। तीसरी परियोजना को 216 करोड रुपए की लागत से बरौद ओसीपी कोयला हैंडलिंग प्लांट बनाया गया है।
अनाज भंडारण की पायलट परियोजना का भी उद्घाटन
प्रधानमंत्री आज सहकारी क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण की पायलट परियोजना का भी उद्घाटन करने वाले हैं। इस परियोजना को 11 राज्य की 11 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों में संचालित किया जा रहा है। पीएमसी के दौरान सरकारी क्षेत्र की और योजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
