सुभाष चंद्र बोस जयंती 2024 : CM योगी ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, कहा- एकजुट होने की देते हैं प्रेरणा
आज 23 जनवरी सुभाष चंद्र बोस की जयंती है उन्होंने आजाद हिंद फौज का गठन कर आजादी की लड़ाई को लड़ा था, जिसमें भारत के युवा शामिल हुए थे।

लखनऊ (उत्तर प्रदेश). सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर मुख्यमंत्री योगी ने उनको परिवर्तन चौक पर बनी नेताजी की प्रतिमा पर फूल और मालाओं से सम्मानित कर जयंती मनाई। उन्होंने बताया कि सुभाष चंद्र बोस ने आजादी दिलाने के लिए युवाओं में नई शक्ति भर दी थी। उन्होंने हमें यह सिखाया है कि हमें कैसे बाहर भी एकजुट होकर रहना है। उनके कार्यों की वजह से ही देश के युवाओं में एक नई ऊर्जा भर जाती है।
आजादी की लड़ाई क उत्साहपूर्वक लड़ा
भारत में ही नहीं बल्कि देश की आजादी को आगे कैसे लड़ना है, इस रणनीति को तैयार कर उन्होंने गजब का परिचय दिया है। वह आजादी की लड़ाई को विदेशों तक भी ले गए। इसलिए बाहर भी जब हम जाते हैं तो उनकी प्रतिमाएं प्रेरणा के रूप में याद दिलाते हैं। वह भारत के शौर्य और पराक्रम के प्रतीक बने रहें। उन्होंने युवाओं में एक नई ऊर्जा भरकर आजादी की लड़ाई को आगे बढ़ते हुए उत्साहपूर्वक कार्य किया।
सब कुछ न्योछावर करने के लिए तैयार थे युवा
मुख्यमंत्री ने बताया कि सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज का गठन किया था। उन्होंने देश के नौजवानों का ऐलान कर बताया कि तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा। इसके लिए देश की जनता इस मंत्र के बदौलत अपना सब कुछ न्योछावर करने के लिए तैयार हो गई थी। आजाद हिंद फौज में भारत का प्रत्येक युवा शामिल हुआ और आजादी की लड़ाई को आगे बढ़ाया। इसलिए आज भारतवासी उनके प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करते हैं।
भारत वर्ल्ड पावर के रूप में हो रहा विकसित
सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मना रहे हैं। यह कार्यक्रम 23 से 26 जनवरी तक चलेगा। बस ने हर भारतीय को परस्पर जोड़े रखने का काम किया है। यह उनकी 127 वीं जयंती मनाई जा रही है। आज भारत वर्ल्ड पावर के रूप में विकसित हो रहा है, क्योंकि नेताजी से प्रेरित होकर हम भारतीय सुरक्षा और व्यवस्था को मजबूत बना रहे हैं।
कर्तव्यों का पालन है नेताजी का सम्मान
सीएम ने कहा कि आज की हमारी यूथ जेनरेशन अपने मातृभूमि के लिए जो भी कुछ करें वह कम ही होगा। आज हर व्यक्ति को अपने कर्तव्य को ईमानदारी के साथ करने की सोचनी चाहिए। ऐसा करने पर हम नेताजी के प्रति श्रद्धा और सम्मान कर पाएंगे। हमें अपने कर्तव्य को आगे रखकर हर एक काम को करना होगा। नेताजी के आदर्शों का अनुसरण कर आगे बढ़ना होगा। तभी हम पराक्रमी भारत को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत के रूप में स्थापित कर पाएंगे।

