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Yogi ने इलाहाबाद हाईकोर्ट समेत जिलों के 800 से अधिक सरकारी वकीलों को हटाया, कैबिनेट में अयोध्या प्रमुख

UP cabinet Top Decision: माता-पिता यदि सरकारी नौकरी में है तो उसका वारिस अनुकंपा पर नियुक्ति पाने के लिए हकदार नहीं होगा. 

कुंवर अशोक सिंह राजपूत,

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में 13 प्रस्तावों पर मुहर लगी।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सम्पन्न कैबिनेट बैठक के बाद राज्य सरकार के मंत्री ने फैसलों निर्णयों की मीडिया जानकारी दी। मंत्रियों ने बताया कि प्रदेश सरकार चंहुमुखी विकास को लेकर बेहद गंभीर है। 11 नगर पंचायत और नगर पालिकाओं के विस्तार पर सहमति बनी। इसके साथ ही काशी विश्वनाथ काॅरीडोर की तर्ज पर अयोध्या को भी विकासित करने के लिए प्रस्ताव पास हुआ। यूपी की योगी-2 सरकार ने इलाहाबाद HC और लखनऊ खंडपीठ के 800 से अधिक सरकारी वकीलों को हटाते हुए वकीलों के नये पेनल की नियुक्ति को अनुमोदित कर दिया है, इस संबंध में न्याय विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिया गया।

अयोध्या में सहादतगंज से नयाघाट तक 12.94 किलोमीटर लंबी सड़क का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा इसके लिए 797.69 करोड़ रुपये सरकार द्वारा खर्च किए जाएंगे। श्री राम की नगरी अयोध्या को काशी वाराणसी की तर्ज पर राज्य सरकार विकसित करेगी। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि कैबिनेट में अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर निर्माण के विकास को लेकर प्रस्ताव पास किया गया है। सहादतगंज से नयाघाट मार्ग सुग्रीव किला होते हुए श्रीरामजन्मभूमि स्थल तक चार लेन की सड़क बनाई जाएगी। यह प्रस्ताव काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर है इसके तहत दुकानदारों, कब्जेदारों को पुनर्विस्थापित किया जाएगा। इसके अलावा अयोध्या जिले में फैजाबाद मुख्य मार्ग से हनुमानगढ़ी होते हुए श्रीरामजन्मभूमि स्थल तक के मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इस योजना में सीवर व्यवस्था, पावर केबल व्यवस्था सहित अन्य यूटिलिटी शामिल हैं इन कार्य को दो साल में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

योगी सरकार ने मंगलवार को पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी नगर निगम का दायरा बढ़ाने को कैबिनेट की मंजूरी दे दी है। नगर पालिका परिषद रामनगर और नगर पंचायत सूजाबाद को नगर निगम में विलय कर दिया गया है। इससे वाराणसी नगर निगम 18256.017 हेक्टेयर हो जाएगा। नगर निगम की आबादी अब 16 लाख 36 हजार 659 हो जाएगी। नए इलाकों को वाराणसी नगर निगम में शामिल किए जाने के बाद जरूरत के आधार पर विकास योजनाएं लाई जा सकेंगी। मौजूदा समय यहां केंद्र और राज्य सरकार की कई परियोजनाएं चल रही हैं। लोगों की सुविधाओं के लिए रोपवे की सेवा भी जल्द शुरू होने वाली है,यूपी सरकार के अफसर ने केबिनेट बेठ्क के बाद स्पष्ट करते हुए बताया ।

एक नई नगर पंचायत का गठन और दो नगर पंचायतों का अस्तित्व समाप्त बाद अब राज्य में कुल 751 नगर निकाय होंगे। तीन नगर पंचायतों का विस्तार हुआ, उनमें फतेहपुर की खागा और शाहजहांपुर की निगोही, सोनभद्र की सोनभद्र नगर पंचायत शामिल है। बुलन्दशहर की अनूपशहर, शामली की कैराना, मुजफ्फरनगर की खतौली, गाजियाबाद की मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी सहित कुल सात नगर पालिका परिषद का विस्तार किया गया है। साथ ही प्रतापगढ़ जिले की डेरवा बाजार नई नगर पंचायत के रूप में गठित हुई है।

यूपी में कार्मिक विभाग ने साफ किया है कि माता-पिता यदि सरकारी नौकरी में है तो उसका वारिस अनुकंपा पर नियुक्ति पाने के लिए हकदार नहीं होगा। मृतक आश्रित कोटे पर नौकरी पाने वालों को इसके लिए शपथ पत्र देना होगा कि मौजूदा अभिभावक सरकारी नौकरी में नहीं है। कार्मिक विभाग ने इस संबंध में स्पष्टीकरण आदेश जारी करते हुए सभी विभागाध्यक्षों को इसे भेज दिया है। इस आदेश में कहा गया है कि जनवरी 1999 को इस संबंध में स्पष्ट नीति जारी की जा चुकी है। कार्मिक विभाग ने कुछ मामलों में शिकायत मिलने के बाद इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया है।

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