Site icon Saffron Factor : Live Breaking News, Today News

एप के माध्यम से होगी वाहनों के प्रदूषण की जांच, 15 अप्रैल से नया नियम होगा लागू

Vehicle pollution will be checked through app, new rule will be implemented from April 15

लखनऊ (उत्तर प्रदेश). वाहनों के प्रदूषण की जांच अब अप के माध्यम से भी की जाएगी। इससे फर्जीवाड़े की शिकायतों पर प्रबंधन हो जाएगा। एनआईसी को प्रदूषण जांच के पोर्टल को अपग्रेड करने के निर्देश दे दिए गए थे और अब आपके माध्यम से प्रदूषण की जांच होगी।

15 अप्रैल से नया नियम होगा लागू

अधिकारियों के अनुसार यह बताया गया है कि प्रदूषण की जांच के समय वाहनों की भौतिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से होगी। फेक एपीआई के प्रयोग पर रोंक लगाने के लिए यह कदम उठाया गया है। इसके माध्यम से पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट पोर्टल को अपग्रेड कर पीयूसीसी वर्जन 2.0 पोर्टल तैयार किया गया है। इस पोर्टल को लखनऊ के कुछ प्रदूषण जांच केन्द्रों पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू कर दिया गया है, यहां पर सफलता भी प्राप्त हुई है। अब 15 अप्रैल से इस व्यवस्था को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।

ऐप का इस्तेमाल 3 मोबाइल में हो पायेगा

इस ऐप में लागिन करने के बाद जांच केंद्र स्वामी को अपने लागिन से केंद्र की लोकेशन डालनी होगी। वन प्रदूषण जांच केंद्र के स्वामी संबंधित जिले के सहायक संभाग ही परिवहन कार्यालय में जाकर उसका लोकेशन फीड करेंगे। एक केंद्र के लिए इस ऐप का इस्तेमाल 3 मोबाइल में किया जा सकेगा। मोबाइल ऐप का प्रयोग अस्थाई प्रदूषण जांच केंद्र की 30 मीटर की परिधि में ही हो पाएगा। मोबाइल वैन प्रदूषण जांच केंद्र के लिए यह सीमा परिवहन कार्यालय से 40 किलोमीटर तय की गई है।

वाहन की वीडियो भी होगी रिकार्ड

प्रदूषण जांच केंद्र के ऑपरेटर को वहां की जांच करते हुए एप के माध्यम से वाहन की फ्रंट और साइड तथा रियर साइड की फोटो खींचनी होगी। वहां की उपस्थिति दिखाने के लिए एक वीडियो भी रिकॉर्ड करना होगा। इस ऐप के माध्यम से क्लिक की गई तस्वीरों में से एक प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र पर दिखेगी और यह वाहन स्वामी को भेजनी होगी।

Exit mobile version