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मुख्तार अंसारी की मौत पर पप्पू यादव बोले- कानून, संविधान, नैसर्गिक न्याय को दफन कर देने जैसा

नई दिल्ली (भारत). बांदा जेल में बंद बाहुबली मुख्तार अंसारी के हार्ट अटैक होने के कारण मौत हो गई है। मेडिकल कॉलेज बांदा ने उसकी मौत की पुष्टि कर दी है। पूरे उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मऊ और गाज़ीपुर तथा बांदा जिले में पूर्ण रूप से धारा 144 लागू कर दी गई है।

अंसारी की मौत पर राजनीतिक बवाल

अंसारी की मौत पर राजनीतिक बवाल शुरू हो गया है। बहुजन समाजवादी पार्टी से लेकर राष्ट्रीय जनता पार्टी और कांग्रेस से लेकर एआईएमआईएम तक ने यूपी की पूर्व विधायक की मौत को लेकर अपना-अपना सवाल खड़ा कर दिया है। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती और राजद के नेता तेजस्वी यादव तथा एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुख्तार अंसारी की मौत को लेकर निंदनीय और अफसोसजनक बताया है।

पप्पू यादव बोले- कानून,संविधान,नैसर्गिक न्याय को दफन कर देने जैसा

कांग्रेस में शामिल हुए हाल ही में बिहार के पूर्व सांसद पप्पू यादव ने मुख्तार अंसारी की मौत को संस्थागत हत्या करार दिया है। उन्होंने कहा है कि अदालत की निगरानी में इस मामले की जांच होनी चाहिए। पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की संस्थानिक हत्या हुई है। यह कानून, संविधान, नैसर्गिक न्याय को दफन कर देने जैसा साबित हुआ है।

संवैधानिक व्यवस्था के लिए यह एक अमित कलंक

पप्पू यादव ने यह बताया कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इसका स्वत: संज्ञान लें। उनके दिशा निर्देशों में निष्पक्ष जांच की जाए। मुख्तार कई दिनों से यह आरोप लगा रहे थे कि उनको जहर दिया जा रहा है। उनके भाई सांसद ने भी यह आरोप लगाया था। देश के संवैधानिक व्यवस्था के लिए यह एक अमित कलंक है।

क्या है मामला?

मुख्तार अंसारी की 2 दिन पहले हालात बिगड़ गई थी। जेल से लाकर उनका मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। उनके भाई अफजल और बेटे उमर अब्बास ने उनकी मौत की आशंका भी जताई थी। जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। अफजल ने यहां तक यह भी कहा था कि उसके भाई को जेल में जहर दिया जा रहा है। 63 साल का अंसारी मऊ सदर से 5 बार विधायक रह चुका था। साल 2005 से उत्तर प्रदेश और पंजाब में जेल की सलाखों के पीछे था। अंसारी के खिलाफ 60 से अधिक आपराधिक मामले लंबित पड़े थे।

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