कर्पूरी को मरणोपरांत भारत रत्न, इन लोगों को मिला यह पुरस्कार, मोदी ने कहीं यह बात
केंद्र सरकार की ओर या ऐलान किया गया है। यह सम्मान उनकी जयंती पर दिया जाएगा। पीएम मोदी ने खुशी जताई है। इस पुरस्कार को देने के लिए अभी तक 48 लोगों को दिया जा चुका है यह पुरस्कार

नई दिल्ली (भारत ).बिहार के दोबारा रह चुके मुख्यमंत्री के रूप में कर्पूरी ठाकुर को सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जाने वाला है। उनको या पुरस्कार मरणोपरांत दिया जा रहा है। केंद्र सरकार ने उनकी आने वाली 24 जनवरी को 100वीं जयंती पर भारत रत्न देने के लिए घोषणा की है।
यह पुरस्कार पाने वाले बिहार के बनेंगे तीसरे व्यक्ति
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर पिछड़े वर्ग के हितों के लिए वकालत करते थे। यह पुरस्कार पाने वाले वह बिहार के तीसरे व्यक्ति बन जाएंगे। इनके पहले प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद को यह पुरस्कार दिया गया था। लोकनायक जयप्रकाश नारायण को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
24 जनवरी को है कर्पूरी ठाकुर की जयंती
केंद्र सरकार गणतंत्र दिवस की शाम से पहले पद्म भूषण पुरस्कारों और कभी-कभी भारत रत्न पुरस्कारों को देने का ऐलान करती है। 24 जनवरी को ठाकुर की जयंती है उसी दिन उनको मरणोपरांत भारत रत्न देने की घोषणा की गई है।
कर्पूरी के बेटे ने बोली यह बात
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के बेटे रामनाथ ठाकुर ने बताया कि सरकार को यह फैसला लेने के लिए, बहुत-बहुत धन्यवाद और बिहार के करोड़ों लोग धन्यवाद देना चाहते हैं।

मोदी ने कहा यह बात
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विटर पर लिखा है कि मुझे बहुत खुशी हुई है कि भारत सरकार ने सामाजिक न्याय दिलाने के लिए प्रत्येक जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न अवार्ड से सम्मानित करने के लिए चुना है। ऐसे समय में चुना है जब उनकी जन्म सती मनाई जाएगी। दलितों के कल्याण के लिए उन्होंने अटूट प्रतिबद्धता और दूरदर्शिता से काम किया।
यह पुरस्कार है उनके कार्यों का सम्मान
राजनीतिक रूप से उनकी अमिट छाप है। यह पुरस्कार उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए योगदान का सम्मान है। उनका जीवन हमें न्याय संगत बनाने के लिए प्रेरित करता है। हमें उनके मिशन को आगे बढ़ना चाहिए।
48 लोगों को मिल चुका है भारत रत्न
लगभग 68 साल पहले यह पुरस्कार शुरू किया गया था। अभी तक 48 लोगों लोगों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। पहली बार यह पुरस्कार 1954 में आजाद भारत के जो पहले गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राज गोपालाचारी थे उनको दिया गया था। उसके बाद वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकटरमन और सर्वपल्ली राधाकृष्णन को भी दिया गया था।
10 साल की छठवीं हस्ती को मिलेगा यह सम्मान
प्रधानमंत्री मोदी की सरकार के कार्यकाल में लगभग 10 साल के अंतराल पर यह सर्वोच्च पुरस्कार अब तक पांच हस्तियों को दिया जा चुका है। अब छठवीं हस्तियों में कर्पूरी ठाकुर शामिल हो गए हैं। दिवंगत प्रणब मुखर्जी ओपन हजारिका और नानाजी देशमुख से पहले मोदी सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2015 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई और पंडित मदन मोहन मालवीय सर्वोच्च पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। 4 साल लोकसभा चुनाव के बाद कुछ ही महीना के बाद तीन हस्तियों को सर्वोच्च पुरस्कार देने का ऐलान किया गया था।

