Uttar Pradesh
UP : न्यायिक अधिकारियों को 21 तरीके का भत्ता देने का ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कैबिनेट 22 सर्कुलेशन के माध्यम से इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। कार्मिक विभाग ने शासनादेश भी जारी कर दिया है।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश). राज्य सरकार ने न्यायिक अधिकारियों को 21 तरीके का भत्ता देने का ऐलान कर लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कैबिनेट 22 सर्कुलेशन के माध्यम से इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। कार्मिक विभाग ने शासनादेश भी जारी कर दिया है।
राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग की ओर से व्यवस्था
राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग की ओर से सेवारत न्यायिक अधिकारियों सेवानिवृत्ति नायक अधिकारियों एवं पेंशन भोगियों के लिए की गई संतुतियों के आधार पर वे सभी व्यवस्था की गई है। इसकी यह खास बात है कि न्यायिक अधिकारियों को इंटरमीडिएट तक अपने 2 बच्चों को बढाने के लिए बाल शिक्षा भत्ता भी मिलेगा। इस भत्ते के रूप में 2250 रुपए और छात्रावास अनुदान के लिए हर माह में 6750 दिया जाएगा।
21 तरीके का भत्ता देने का ऐलान
- गृह निर्माण अग्रिम और अतिरिक्त प्रभार भत्ता
- वाहन परिवहन
- महंगाई भत्ता
- अर्जित अवकाश नगदी कारण
- बिजली और जल शुल्क
- उच्च योग्यता भत्ता जय हो
- पहाड़ी क्षेत्र या दुर्गम स्थान पर तैनाती पाने वालों को अतिरिक्त भत्ता
- हर मां ₹5000 की दर से दिया जाएगा
- घरेलू सेवक या घरेलू सहायक रखने के लिए हर माह ₹10000 भत्ता
- मकान किराया भत्ता
- फर्नीचर और एयर कंडीशन भत्ता
- घरों के रखरखाव का भत्ता
- अवकाश यात्रा रियायत भत्ता
- चिकित्सा भत्ता
- चिकित्सा सुविधा भत्ता
- समाचार पत्र पत्रिका लेने के लिए भत्ता
- वस्त्र भत्ता
- प्रशासनिक कार्यों के लिए विशेष भत्ता
- सत्कार भत्ता
- घरों में लगने वाले टेलीफोन मोबाइल के लिए भी भत्ता
- स्थानांतरण अनुदान
