विदेश मंत्री जयशंकर मानवाधिकार परिषद बोले- बहुपक्षीय ढांचे को तत्काल बनाने का समय आ गया
विदेश मंत्री ने बताया कि भू राजनीतिक चुनौतियों का समाधान पानी के लिए संयुक्त राष्ट्र और उसके बाहर मिलकर काम करना हमारे सामूहिक हित और जिम्मेदारी में आता है। इसलिए ऐसा होना चाहिए यह महत्वपूर्ण है।
नई दिल्ली (भारत). विदेश मंत्री जयशंकर ने नई दिल्ली से वीडियो लिंक के माध्यम से मानवाधिकार परिषद में आयोजित 55वें सत्र को संबोधित किया। सोमवार को विदेश मंत्री ने बताया कि पुरानी संरचना को सुधारने और प्रणालीगत खामियों को ठीक करने तथा वर्तमान वैश्विक वास्तविकताओं को प्रतिबंधित करने वाले बहुपक्षीय ढांचे को तत्काल बनाने का समय आ गया है।
विदेश मंत्री जयशंकर मानवाधिकार परिषद बोले
विदेश मंत्री ने बताया कि भू राजनीतिक चुनौतियों का समाधान पानी के लिए संयुक्त राष्ट्र और उसके बाहर मिलकर काम करना हमारे सामूहिक हित और जिम्मेदारी में आता है। इसलिए ऐसा होना चाहिए यह महत्वपूर्ण है। हमको पहले यह पहचानना चाहिए की बहुपक्षवाद को विश्वसनीय तरीके से और प्रभावी तथा उत्तरदाई बनाने के लिए अब समय आ गया है। पुरानी व्यवस्थाओं में सुधार करना चाहिए। जितनी भी समस्याएं हैं उन्हें ठीक करना चाहिए। बहुपक्षीय रूपरेखाओं को वर्तमान वैश्विक वास्तविकताओं से दर्शाते हुए तुरंत ही तत्काल से प्रभावित उद्देश्यों से बनाया जाना चाहिए। मानवाधिकारों के वैश्विक प्रचारक और संरक्षण तथा हमारे लोगों द्वारा उनके आनंद के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि किया। विदेश मंत्री ने बताया कि भारत सभी मानवाधिकारों के प्रचार और संरक्षण के लिए परिषद के सदस्य और पर्यवेक्षकों के साथ काम करने के लिए तैयार हो गया है।
