उत्तर प्रदेश

जिला जज का बड़ा आदेश : वादी पक्ष को मिले ज्ञानवापी सर्वे रिपोर्ट

आज बुधवार को फैसला सुनाया गया। हिंदू पक्ष की वादिनी राखी सिंह का कहना है कि अदालत में दाखिल रिपोर्ट के अध्ययन का अधिकार वादी पक्ष को है।

District Judge’s big order: Plaintiff gets Gyanvapi survey report

वाराणसी (उत्तर प्रदेश). बुधवार को सील बंद सर्वे ज्ञानवापी परिसर की रिपोर्ट को लेकर जिला जज डॉक्टर अजय कुमार कृष्ण विश्वैस की अदालत में फैसला सुनाया गया है। इस फैसले में जिला जज ने यह बताया कि वादी पक्ष को सर्वे रिपोर्ट दी जानी चाहिए। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण में पहले ही रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर दी थी।

सर्वे रिपोर्ट हो सार्वजनिक

इस मामले पर आदेश आएगा फिर नकल के लिए जो भी पक्षकार होंगे वह कोर्ट में आवेदन देंगे। क्या रिपोर्ट ईमेल से नहीं प्राप्त होगी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने भी मिल के जरिए आपत्ति की थी। अंजुमन ने यह बताया कि सार्वजनिक नहीं होगी। चार महिला वादियों के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने भी कहा था किया सार्वजनिक होनी चाहिए।

वादी पक्ष को है रिपोर्ट के अध्ययन का अधिकार

मां श्रृंगार गौरी केस की वादिनी सीता साहू, रेखा पाठक मंजू विकास और लक्ष्मी देवी की तरफ से सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक हो ऐसा अदालत से अनुरोध किया गया था। बात नहीं महिलाओं का यह कहना था कि यह जनहित का मुद्दा है। गोपनीय चिंता का विषय नहीं बनाया जाए। एक वादिनी हिंदू पक्षी की राखी सिंह ने भी कहा था कि अदालत में दाखिल की गई रिपोर्ट का अध्ययन का अधिकार सिर्फ वादी पक्ष को ही है।

रिपोर्ट नहीं होगी सार्वजनिक एएसआई 

अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी ने यह बताया कि यदि वादिनी महिलाओं को सर्वे की रिपोर्ट दी जाती है तो हमें भी चाहिए। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने बताया कि जब तक प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग लॉर्ड विश्वेश्वर नाथ के मुकदमे में ज्ञानवापी की प्रति रिपोर्ट दाखिल नहीं होती है, तब तक रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए।

District Judge’s big order: Plaintiff gets Gyanvapi survey report
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