
झारखंड : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर झारखंड जमीन घोटाला का मामला चल रहा है,लेकिन अब उनके ऊपर धन शोधन मामले के लिए अरेस्ट करने की जंजीर लटक रही है। मंगलवार के दिन वह बताया जा रहे थे कि गायब हो गए हैं, लेकिन 40 घंटे के बाद फिर रांची वापस आ गए हैं। जैसे ही वह वापस आए तो उन्होंने एक बैठक की, जिसमें गठबंधन दलों के विधायक शामिल रहें। उनकी पत्नी भी बैठक में आई। उन्होंने अपने पत्नी को अपना पद सौपने की बात कही।
पत्नी को अपनी कुर्सी सौंपना चाहते
विधायक दल की जो बैठक की गई जिसके फैसलें सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन झाममु के सूत्रानुसार, 31 जनवरी को ईडी की पूछता और गिरफ्तारी की रास्ता को देखते हुए वह अपनी पत्नी को अपनी कुर्सी सौंपना चाहते हैं। उन्होंने अपनी बातों के संकेतों के द्वारा अपने विधायकों को यह बात बताई।
समन राजनीति से प्रेरित
हेमंत सोरेन अपने निवास पर बैठक करने के बाद महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने बापू वाटिका भी गए, इसी दौरान वह पिता शिबू सोरेन से भी मिलने उनके आवास पर पहुंचे। बातचीत के दौरान उन्होंने यह बताया कि मैं राज्य और राज्य की जनता दोनों के दिलों में रहता हूं। ईडी की ओर से जारी किया गया समन राजनीति से प्रेरित हुआ है। राज्य सरकार के कामकाज को दखल देने के लिए इस केंद्रीय एजेंसी का सही तरीके से उपयोग नहीं है।
सोरेन से ईडी ने 20 जनवरी को लगभग 7 घंटे तक पूछताछ की
मुख्यमंत्री सोरेन ने यह दावा करते हुए बताया कि जमीन घोटाले के संबंध में केंद्रीय एजेंसी उनका बयान दर्ज करने पर, जिस तरह से जोर देकर अपना काम कर रही है यह उचित नहीं है। बुधवार को हेमंत सोरेन ने ईडी को यह बताया कि मैं रांची आवास पर 1:00 मिलूंगा। सोरेन से ईडी ने 20 जनवरी को लगभग 7 घंटे तक पूछताछ की थी, लेकिन पूछताछ पूरी नहीं होने पर उनको दोबारा समन भेजा गया था, जिसमें यह बताया गया था कि 29 या 31 जनवरी को उन्हें पेश होना है। मुख्यमंत्री सोरेन के परिजन ने यह बताया था कि वह दिल्ली कामकाज के लिए गए हैं, जल्दी ही वापस आ जाएंगे। उन्होंने दिल्ली में 1250 किलोमीटर की यात्रा भी किया।
मुख्यमंत्री आवास, ईडी दफ्तर, राजभवन के पास जाना सख्त मना
झारखंड की राजधानी रांची में सुबह 9 बजे से लेकर धारा 144 लागू रहेगी। जिला प्रशासन ने इस फैसले को लागू किया है। मुख्यमंत्री आवास, ईदी दफ्तर और राज भवन के आसपास 144 धारा लागू रहेगी। प्रवर्तन निदेशालय की कार्यवाही के चलते रांची में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने बताया कि सीएम आवास राजभवन और ईडी दफ्तर के 100 मीटर के दायरे में सुबह 10 से रात 10 तक बजे तक किसी की भी आवाज आई नहीं रहेगी, सख्त मना कर दिया गया है।
प्रदर्शन या रैली पर रोंक, 7000 अतिरिक्त सुरक्षा बल किया तैनात
निषेधाज्ञा वाले स्थान पर प्रदर्शन, रैली और बैठके रोंक दी गई हैं। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है। किसी को भी एक स्थान पर एकत्र नहीं होने दिया जा रहा है। जीडीपी अजय सिंह ने बताया कि कानू-व्यवस्था पर नियंत्रण के लिए राज्य में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम कर दिए गए हैं। 7000 अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती की गई है।
दिल्ली सीएम सोरेन आवास से मिले 36 लाख की नकदी, दो लग्जरी कारे जब्त
प्रवर्तन निदेशालय सोमवार को दिल्ली स्थित मुख्यमंत्री सोरेन आवास पर पूछताछ के लिए गई थी, लेकिन वह वहां पर मिले ही नहीं। एजेंसी टीम लगभग 13 घंटे तक उनके इंतजार में रुकी रही, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल पाया। एजेंसी टीम ने उनके आवास से 36 लख रुपए की नकदी बरामद की और दो लग्जरी कारे भी जब्त की। मुख्यमंत्री सोरेन 27 जनवरी को दिल्ली जाने के लिए निकले थे।
सीएम सोरेन ने 31 को ईडी को बुलाया, लेकिन वह 29 को क्यों आयें
झामुमो के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने यह दवा बताते हुए कहा कि आवास से 36 लाख जो नगदी बरामदी बताई जा रही है, वह मुख्यमंत्री की छवि को खराब करती है। यह परिवर्तन निदेशालय और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी की रची गई साजिश हैप उन्होंने यह सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रवर्तन निदेशालय को अपने एक बयान में यह जानकारी देकर बताया था कि जांच टीम 31 जनवरी को उनके रांची मुख्यमंत्रीआवास पूछताछ के लिए आ सकती है। वह उस तारीख से पहले ही क्यों दिल्ली आवास पर पहुंच गए। इसके पीछे बाबूलाल और ईडी का हाथ है। सोरेन से अपराधी की तरह पेश आ रहे हैं, लेकिन वह किसी से डरते नहीं हैं।

