
नई दिल्ली (भारत). भारत का राजकोषीय घाटा अप्रैल दिसंबर के लिए अपने लक्ष्य 9.8 लाख करोड रुपए पर पहुंच गया है। यह जो आंकड़ा आया है वित्तीय वर्ष 2024 के लक्ष्य का 55% है। चालू वित्तीय वर्ष के पहले 9 महीनों में दिसंबर तक का राजकोषी घाटा जो था, वह 9.8 लाख यानी की वार्षिक अनुमान के अनुसार 55% रहा है।
राजकोषीय अंतर को सकल घरेलू उत्पाद के 5.9 तक सीमित करके लाना
संघीय बजट की घोषणा करते हुए, चालू वित्त वर्ष के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण है यह बताया था कि भारत का लक्ष्य राजकोषीय अंतर को सकल घरेलू उत्पाद के 5.9 तक सीमित करके लाना है, जो पिछले वित्त वर्ष में 6.4 तक था।
राजकोषीय घाटा अंतरिम बजट से एक दिन पहले आता
राजकोषी का जो भी घाटा होता है, वह अंतरिम बजट से ठीक 1 दिन पहले आता है जिसमें सरकार की ओर से अपनी राजकोषीय पाठ्यक्रम सुधार रणनीति का पालन करने की उम्मीद होती है। इसलिए अब ऐसे संकेत है कि आने वाले चुनाव की तैयारी को देखते हुए यह बताया जा सकता है कि लोक लुभावना खर्च या प्रोत्साहन से बच सकते हैं

