पाकिस्तान : आम चुनाव से पहले भारत के साथ घोषणा पत्र, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का सशर्त शांति स्थापना पर जोर
भारत को शांति का संदेश इस बात की शर्त पर रखकर भेजा जाएगा कि वह कश्मीर के 2019 के फैसले को वापस ले ले।

पाकिस्तान (इस्लामाबाद). पाक के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने भारत के साथ शांति स्थापना के लिए जोर देने की कोशिश की है। 8 फरवरी को पाकिस्तान में संसदीय चुनाव होने वाले हैं, जिसके चलते पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज़ ने घोषणा पत्र जारी कर दिया है। इस घोषणा पत्र में गर्भवती में विभिन्न देशों के साथ-साथ भारत को शांति का संदेश दिया गया है। इस घोषणा पत्र में यह बताया गया है कि भारत को शांति का संदेश इस बात की शर्त पर रखकर भेजा जाएगा कि वह कश्मीर के 2019 के फैसले को वापस ले ले।
कश्मीर भारत का एक अभिन्न हिस्सा
घोषणा पत्र में भारत के साथ जो शांति संदेश शरीफ की पार्टी ने रखा है वह कभी पूरा होने वाला नहीं है। भारत ने कई बार पाकिस्तान को यह बता दिया है कि कश्मीर भारत का एक अभिन्न हिस्सा है। जहां तक रही संविधान के अनुच्छेद 370 को रद्द करने की तो यह भारत और उसके संविधान का परस्पर मामला है।
आतंकवाद को खत्म अपनाने का वादा
शरीफ की पार्टी के घोषणापत्र में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने और आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने की नीति अपनाने का भी वादा किया गया है। पीएमएल-एन के अन्य एजेंडे में सुरक्षित जल और निर्यात के जरिये अर्थव्यवस्था में जान फूंकना शामिल है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शरीफ की पार्टी ने सत्ता में आने पर सस्ती और नियमित बिजली के साथ तेज विकास का वादा किया है। वादों में बिजली दरों में 20 से 30 प्रतिशत की कटौती, बिजली उत्पादन में 15,000 मेगावाट की वृद्धि और सौर ऊर्जा उत्पादन में 10,000 मेगावाट की बढ़ोतरी शामिल है।
अन्य सशर्त मुद्दे
इस घोषणा पत्र में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि भारत के साथ जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से निपटने और आतंकवाद को मुक्त करने पर काम होगा। पीएमएल एन के से जुड़े कई मुद्दे जैसे कि सुरक्षित जल और निर्यात के माध्यम से अर्थव्यवस्था को मजबूत करना शामिल है।
अर्थव्यवस्था पर जोर
रिपोर्ट के मुताबिक, शरीफ की पार्टी ने घोषणा पत्र में यह वादा किया है कि सत्ता में आने के बाद सस्ती और नियमित रूप से बिजली की तेज उत्पादन प्रक्रिया का विकास किया जाएगा। बिजली की दरों में 20 से 30% की कटौती के साथ-साथ बिजली उत्पादन में 15000 मेगावाट की वृद्धि करना और सौर ऊर्जा उत्पादन में 10000 मेगा वाट की बढ़ोतरी की साझेदारी होगी।

