
नई दिल्ली (भारत). रायसीना पहाड़ियों में बना ऐतिहासिक विजय चौक में सोमवार को बीटिंग रिट्रीट समारोह का आयोजन होगा, जिसमें भारतीय दोनों का साक्षी बनेगा। यह बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम गणतंत्र दिवस समारोह के समापन का प्रतीक माना जाता है।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री होंगे शामिल
रक्षा मंत्रालय के एक बयान मैया बताया गया कि थलसेना, नौसेना, वायुसेन सेवा और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के संगीत बैंड देश के प्रतिष्ठित दर्शकों के समक्ष 31 मनमोहन और थिरकन वाली भारतीय ध्वनियाँ आयोजित की जाएंगी। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वरिष्ठ अधिकारी और आम जनता भी मौजूद रहेगी।
विभिन्न प्रकार मनमोहक ध्वनियाँ होंगी शामिल
इस समारोह की शुरुआत सामूहिक बैंड शंखनाद के साथ होगी। इसमें विभिन्न प्रकार मनमोहक ध्वनिया शामिल होंगी। जैसे कि पाइप्स और ड्रम बैंड के माध्यम से वीर भारत, संगम दूर, देश का सरदार भारत,भागीरथी और अर्जुन जैसी मनमोहन धुनें पेश होगी। सीपीएफ बैंड भारत के जवान और विजय भारत का संगीत बजाएंगे। बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम का समापन सबसे लोकप्रिय संगीत सारे जहां से अच्छा से समाप्त किया जाएगा।
बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम का समापन लोकप्रिय धुन सारे जहां से अच्छा के साथ
सीपीएफ बैंड भारत के जवान और विजय भारत का संगीत बजाएंगे, जिसमें टाइगर हिल, रिजाइस रायसीना और स्वदेशी वायुसेना के बैंड की ओर से बजाई जाने वाली धुनें शामिल हैं। नौसेना की ओर से बैंड में आईएनएस विक्रांत,मिशन चंद्रयान, जय भारती और हम तैयार हैं जैसे कई अन्य धुनें दर्शकों के लिए प्रदर्शित की जाएगी। फौलाद का जिगर, अग्निवीर कारगिल 1999 और ताकत वतन सहित में ध्वनियों का प्रस्तुतीकरण होगा। सामूहिक बैंड कदम कदम बढ़ाए जा, ए मेरे वतन के लोगों और ड्रमों के काल की ध्वनि के साथ होगा। बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम का समापन लोकप्रिय धुन सारे जहां से अच्छा के साथ किया जाएगा
समारोह के मुख्य संचालन लेफ्टिनेंट कर्नल विमल जोशी होंगे
मंत्रालय के अनुसार, इस समारोह संचालन के मुख्य लेफ्टिनेंट कर्नल विमल जोशी होंगे। आर्मी बैंड के कंडक्टर सूबेदार मेजर मोतीलाल होंगे। एमसीपीओ एमयूएस द्वितीय एम एंटनी और वारंट ऑफीसर अशोक क्रमशः नौसेना तथा वायुसेन के संचालक होंगे। सीपीएफ बैंड की संचालक कांस्टेबल जीडी रानी देवी करेंगी। बगुल बजाने वालों सैनिक कलाकारों का नेतृत्व कलाकार नायक सूबेदार के नेतृत्व में होगा। सूबेदार के ही नेतृत्व में पाइप्स तथा ड्रम बैंड पर प्रस्तुतीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी।

