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ईरान में हिजाब के खिलाफ प्रदर्शन: गिरफ्तार महिलाओं को फांसी, अब तक 529 की मृत्यु

इंटरनेशनल न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक पिछले काफी महीनों तक चले प्रदर्शनों के बाद से अब तक हिंसा में मारे गए 529 लोगों के अलावा सरकारी तौर पर भी अब तक हिजाब के विरोध में 9 लोगों को फांसी दी जा चुकी है, इसमें कई महिलाएं भी शामिल हैं।

दुबई. दुनियाभर में महिलाओं के अधिकार की मांग बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है लेकिन ईरान में महिलाओं को अभी भी इस्लामिक चरमपंथी दबाकर कुचलने का प्रयास कर रहे हैं। ईरान में पिछले काफी समय से हिजाब पहनने का विरोधी प्रदर्शन चल रहा है। अब तक इस पूरे प्रदर्शन में 529 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। वहीं इन्हीं प्रदर्शनों में गिरफ्तार एक महिला को फांसी दे दी गई है।

इंटरनेशनल न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक पिछले काफी महीनों तक चले प्रदर्शनों के बाद से अब तक हिंसा में मारे गए 529 लोगों के अलावा सरकारी तौर पर भी अब तक हिजाब के विरोध में 9 लोगों को फांसी दी जा चुकी है, इसमें कई महिलाएं भी शामिल हैं।

Irani Womens Against Hijab

ईरानी महिलाएं हिजाब पहनने से इनकार कर रही हैं ईरान में, महिलाओं को हिजाब, इस्लामिक हेडस्कार्फ़ पहनने के लिए मजबूर करने वाले नियमों के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन समाप्त हो गए हैं। लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी आवाज़ सुनाने के लिए नए तरीके खोज रहे हैं।

Womens Against Islamic headscarf

ईरान में सितंबर 2023 तक महिलाओं को उनके मौलिक अधिकार और पहनने के अधिकार और बोलने के अधिकार पर पाबंदी लगाकर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। ऐसे इस्लामिक नियमों को नहीं मानने वाली महिलाओं के ऊपर हमले बढ़ते जा रहे हैं। साथ ही सरकारी कानून बनाकर भी ऐसी महिलाओं को फांसी की भी सजा सुनाई जा रही है।

Womens Banned in Bank Hotel Shop due to Hijab Protest in Iran

ईरान में जो भी महिलाएँ हिजाब नियमों का पालन नहीं कर रही हैं उन्हें सभी प्रकार की सरकारी सेवाओं बेदखल कर रहे हैं। बैंकों, दुकानों और रेस्तरां तक जाने पर प्रतिबंध है। जो भी दुकानदार या बैंक या ऐसा कोई भी हिजाब न पहनने वाली महिलाओं से बात करते हुए दिखता है उसे भी सार्वजनिक तौर पर दंड दिया जा रहा है। प्रदर्शन का साथ देने वालों या ऐसी महिलाओं का साथ देने वालों के ऊपर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है।

इस मामले की यूएन ने काफी कड़े शब्दों में निंदा भी की है, साथ ही एक कमेटी बनाकर ऐसी घटनाओं पर फौरी तौर पर रिपोर्ट भी देने को कहा है, जहां मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन होता दिखा रहा है। जिसमें प्रमुख तौर पर ईरान शामिल है।

 

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