
नई दिल्ली (भारत). चुनाव होने से पहले सरकार अंतरिम बजट पेश करने के लिए तैयार हो गई है। इस बजट में सरकार से अधिक सरकारात्मक बदलाव की उम्मीद की जा रही है। टैक्सटूविन के सीईओ और संस्थापक अभिषेक सोनी के अनुसार, पुरानी और नई दोनों व्यवस्थाओं की कर सीमाओं में मूल छूट में वृद्धि की जा सकती है।
सरकार का नई आयकर व्यवस्था को बढ़ावा देने पर जोर
केंद्रीय बजट 2023 24 के दौरान नई आयकर व्यवस्था के अनुसार करदाताओं को कई लाभ भी दिए गए हैं। 1 फरवरी 2024 को यह अंतरिम बजट वित्त मंत्री की ओर से पेश किया जाएगा। जिसमें टैक्स पेयर्स को मिलने वाले राहत में इजाफा करने का काम किया जाएगा। नई आयकर व्यवस्था को बढ़ावा देने पर सरकार जोर दे रही है। नई आयकर व्यवस्था को सबसे पहले केंद्रीय बजट 2020-21 में किया गया था, जिससे यह 1 अप्रैल 2023 से डिफॉल्ट के रूप में बन गई है।
2023 के बजट में आयकरदाताओं के लिए किए गए यह बदलाव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2023 में नई आयकर व्यवस्था का चयन करने वाले करदाताओं के लिए टैक्स स्लैब में बदलाव किया था जो इस प्रकार हैं:-
₹300000 तक की आय पर कोई टैक्स नहीं पड़ेगा।
3 से 6 लाख रुपए तक की आय पर 5 फ़ीसदी का टैक्स पड़ेगा।
6 से 9 लख रुपए तक की आय पर 10% का टैक्स पड़ेगा।
9 से 12 लाख तक की आय पर 15% का टैक्स पड़ेगा।
12 से 15 लख रुपए तक की आय पर 20% का टैक्स पड़ेगा।
15 लख रुपए या फिर उससे अधिक की आयकर 30% का टैक्स पड़ेगा।

