UP : डॉक्टर ने ऑपरेशन में की लापरवाही, अब देने होंगे 22 लाख हर्जाना
प्रेसिडिंग जाज राजेंद्र सिंह ने तथ्यों के आधार पर पाया गया कि डॉक्टर पाठक व उनके अस्पताल ने इलाज में लापरवाही दिखाई है। इसके बाद उन्होंने अपना फैसला सुना दिया है।

लखनऊ (उत्तर प्रदेश). मैनपुरी के डॉक्टर पर बड़ा हर्जाना लगाया गया है। डॉक्टर ने एक हर्निया मरीज के इलाज और ऑपरेशन में लापरवाही की है। आयोग के सदस्य राजेंद्र सिंह और विकास सक्सेना ने जिला उपभोक्ता आयोग के पूर्व दिए गए फैसले को निरस्त कर दिया है। पीड़िता को मानसिक रूप से परेशानी के एवज में खर्च किए गए 10 लाख रुपए और इलाज में 55000 आदि सभी को वापस करने का आदेश दिया है। दोनों राशि पर 2014 से 12 फ़ीसदी सालाना की दर से ब्याज देना होगा। ऐसे में कुल मिलाकर लगभग 22 लख रुपए देना पड़ेगा।
पेट में सिलाई नहीं किया और पट्टियों को बांध दिया
मैनपुर के एक निवासी को पेट में दर्द था। वह 29 अक्टूबर 2014 को मैनपुरी के डॉक्टर पी. के. पाठक के हॉस्पिटल इलाज के लिए पहुंचा था। ऑपरेशन के बाद मरीज के पेट में सिलाई नहीं किया और पट्टियों को बांध दिया था। दवा के लिए ₹10000 बाद में लिए। ऑपरेशन करने के 5 घंटे के बाद मरीज को खून की उल्टी हुई। पेट के नीचे जहां पर ऑपरेशन हुई वहां से खून और गंदगी निकालने लगी। कंपाउंडर द्वारा डॉक्टर के पास जानकारी दी गई, लेकिन रात भर बीत गई डॉक्टर नहीं आए।
इलाज में लापरवाही हुई
प्रशिक्षित न किए जाने के कारण अशिक्षित नर्स के द्वारा मरीज का उपचार होने से उसकी हालत और बिगड़ गई। चार दिन अस्पताल में मरीज को रखा गया और फिर जबरदस्ती डिस्चार्ज कर दिया गया। राम तीरथ इस हालत में दूसरे अस्पताल पहुंचे जांच हुई, तब यह जानकारी सामने आई कि हर्निया कट गया है, जिसके कारण लीकेज उत्पन्न हुआ था। इलाज कर रिसाव को रोंक दिया गया। प्रेसिडिंग जाज राजेंद्र सिंह ने तथ्यों के आधार पर पाया गया कि डॉक्टर पाठक व उनके अस्पताल ने इलाज में लापरवाही दिखाई है। इसके बाद उन्होंने अपना फैसला सुना दिया है।
