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ओमान : प्रवासी भारतीयों की 250 वर्षों की विरासत हुई डिजिटल

ओमान : भारत के राष्ट्रीय अभिलेखगार की सहायता से ओमान में सभी भारतीय प्रवासियों की 250 वषों से पड़ी हुई विरासत अब डिजिटल हो गई है। एनआईए की यह पहली विदेशी परियोजना शुरू हुई है। यह 19 से लेकर 27 मई के दौरान मस्कट में भारतीय दूतावास में विशेष डिजिटलीकरण के माध्यम के अनुसार, मौखिक इतिहास परियोजना के अंतर्गत 7,000 से अधिक दस्तावेजों को स्कैन किया गया है।

गुजरात से 32 भारतीय परिवार भी शामिल

इस परियोजना के अनुसार, गुजरात से ओमान गए हुए 32 भारतीय परिवार भी शामिल हुए हैं। ओमान में भारतीय मूल के व्यापारी परिवारों के निजी संग्रह से भी अंग्रेजी, अरबी, गुजराती और हिंदी में भी उपलब्ध दस्तावेजों को ओमान कलेक्शन नाम दे दिया गया है।

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