एक राष्ट्र एक चुनाव : समिति की पक्ष में देश की 81 फीसदी जनता का समर्थन
देश की जनता ने एक राष्ट्र एक चुनाव के लिए 81 फ़ीसदी समीक्षा दी है इसमें समर्थन मिला है, कांग्रेस, टीएमसी कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इसका विरोध जताया है, एक राष्ट्र एक चुनाव की बैठक दिल्ली में हुई है, अगली बैठक 27 जनवरी को होगी।

नई दिल्ली (भारत). लोकसभा और राज्य की विधान सभाओं के लिए एक ही साथ चुनाव कराने की प्रक्रिया के विचार पर देश के लोगों का सुझाव मिला है। देश की 81 फ़ीसदी जनता द्वारा सुझाव यह मिला है।
लोगों का मिला सुझाव
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नेतृत्व में बनाई गई समिति एक राष्ट्र एक चुनाव पर लोगों ने 20,972 अपने-अपने सुझाव दिए हैं। इसमें 81 फ़ीसदी जनता का या समर्थन मिला है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव हो।
समिति की अगली बैठक 27 जनवरी
एक राष्ट्र एक चुनाव वाली समिति की बैठक रविवार को दिल्ली में हुई है, जिसमें यह जानकारी दी गई है। इसकी अगली बैठक 27 जनवरी को होने वाली है।
46 में से 17 राजनीतिक दलों ने दिया सुझाव
इस समिति ने 46 राजनीतिक दलों से अपने-अपने सुझाव मांगे थे, लेकिन अभी तक सिर्फ 17 दलों ने ही इस पर सुझाव दिए हैं। कांग्रेस, टीएमसी कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने एक साथ चुनाव कराने की प्रक्रिया वाले विचार पर विरोध जताया है। समित ने 5 जनवरी को आम लोगों से सुझाव मांगे थे।
समिति में उपस्थित रहें यह लोग
इस बैठक में गुलाम नबी आजाद, कानून राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल, 15वें वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एनके सिंह, लोकसभा के पूर्व महासचिव डॉक्टर सुभाष सी कश्यप और पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त संजय कोठारी उपस्थित रहें।

